Post

Conversation

#खण्डन- थाना रावतपुर क्षेत्रान्तर्गत सैयद नगर मोहल्ले से बारावफात का एक परंपरागत जुलूस निकलना था। मोहल्ले के कुछ लोगों द्वारा परंपरागत स्थान से हटकर टेंट, पोस्टर व बैनर लगाये गये। जुलूस के दौरान इसमें शामिल कुछ युवकों द्वारा दूसरे सम्प्रदाय के धार्मिक पोस्टर को फाड़ दिए जाने से साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस प्रकरण में थाना रावतपुर पर अभियोग पंजीकृत किया गया, जिसके उपरान्त यह मामला सोशल मीडिया पर गलत तथ्यों के साथ वायरल हुआ। आज दिनांक 23.09.2025 को इस घटना के संबंध में पुलिस आयुक्त श्री अखिल कुमार महोदय के साथ कानपुर शहर के मुफ्ती साकिब अदीब मिस्बाही शहर क़ाज़ी, हाफ़िज़ अब्दुल कुददूस हादी शहर क़ाज़ी, क़ारी मोहम्मद सगीर आलम हबीबी नायब शहर क़ाज़ी, मौलाना असग़र अली यार अल्वी खतीबो इमाम जामा मस्जिद रावतपुर द्वारा मुलाकात कर चिंताएं व्यक्त की गईं। पुलिस आयुक्त महोदय ने स्पष्ट किया कि मुकदमा "I love Mohammad" लिखे बैनर को लगाने पर नही लिखा गया है बल्कि गैर परम्परागत स्थान पर टेंट, पोस्टर व बैनर लगाने और दूसरे समुदाय के धार्मिक पोस्टर को फाड़ने के कारण FIR लिखी गयी है। उनको FIR भी पढ़वाई और बताया कि जो विरोध हो रहा है वह गलत तथ्यों पर हो रहा है। पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा उन्हें आश्वस्त किया गया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है जो व्यक्ति दोषी नही है मुकदमें से उनके नाम हटा दिए जाएंगे तथा जो भी वास्तविक उपद्रवी पाए जाएंगे उनके विरुद्ध कठोरतम विधिक कार्यवाही की जाएगी। x.com/kanpurnagarpol
Akhil Kumar, wearing a police uniform, sits at an oval wooden table, engaged in discussion. Mufti Saqib Adib Misbahi, Hafiz Abdul Quddus Hadi, Qari Mohammad Saghir Alam Habibi, and Maulana Asgar Ali Yar Alvi, dressed in white traditional attire with caps, are seated around the table. A water bottle, papers, and a pen are on the table. Wooden furniture and curtains are visible in the background.